ख़बर रफ़्तार, देहरादून: वन विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों के पीएफ में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। विभाग की ओर से कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) की करीब 43 लाख रुपये की रकम डकार ली गई है। ऐसे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वन विभाग व उसकी आउटसोर्स कंपनी को नोटिस भेजा है। इसके अलावा दो और बड़ी कंपनियों ने भी सैकड़ों कर्मचारियों के पीएफ के करोड़ों रुपये का गबन कर दिया है।
नगर पालिका श्रीनगर से वसूला एक करोड़ रुपये से ज्यादा का पीएफ
कर्मचारियों के हक का पैसा खाने वाले विभाग व कंपनियों के खिलाफ ईपीएफओ ने अभियान छेड़ा हुआ है। अभियान के तहत ही ईपीएफओ ने नगर पालिका श्रीनगर से एक करोड़ रुपये से ज्यादा का पीएफ वसूला है। इसके अलावा मसूरी इंटरनेशनल स्कूल से सात लाख से अधिक, मोड हाईक प्राइवेट लिमिटेड से 14 से अधिक, विनायक टेक हरिद्वार से 13 लाख रुपये से अधिक, उत्तराखंड परिवहन निगम से 43 लाख रुपये से अधिक मैहरवार कलां सहकारी श्रम संविदा समिति हरिद्वार से सात लाख रुपये और विनायक टेक, हरिद्वार से 13 लाख रुपये से अधिक का पीएफ वसूला गया है।
तीन कंपनियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
केवाईसी के साथ छेड़छाड़ करने वाली हरिद्वार की तीन कंपनियों के खिलाफ ईपीएफओ की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें हरिद्वार की मैसर्स रचित इंटरप्राइजेज, मैसर्स वेद ऑनलाइन सर्विसेस और ए-वन साइबर हरिद्वार शामिल हैं। इन तीनों कंपनियों ने पीएफ सदस्यों के पीएफ खाते में केवाईसी के साथ छेड़छाड़ कर उनके अंशदान से अवैधानिक रूप से निकासी की है।

+ There are no comments
Add yours