खबर रफ्तार, गाजियाबाद: गाजियाबाद में तीन बहनों की खुदकुशी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बच्चियों के पिता चेतन कुमार ने 16 साल में दो नहीं, तीन शादियां की थीं। चेतन ने पुलिस को दो बताकर गुमराह किया था। पुलिस को तीन मैरिज सर्टिफिकेट मिले हैं। तीसरी पत्नी टीना बच्चों को कोरियन कल्चर से छुटकारा दिलाना और पढ़ाना चाहती थी।
गाजियाबाद में तीन बहनों निशिका, प्राची व पाखी की आत्महत्या के मामले में नित नई परतों के खुलने का सिलसिला जारी है। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरियों के पिता चेतन कुमार ने बीते 16 वर्षों में दो नहीं, तीन शादियां की थीं। इनसे जुड़े तीन मैरिज सर्टिफिकेट पुलिस को मिले हैं।
यह भी सामने आया है कि तीसरी पत्नी टीना बच्चों को कोरियन कल्चर की लत से दूर कर दोबारा पढ़ाई की ओर ले जाने का प्रयास कर रही थी। उसी के कहने पर चेतन ने एक माह पहले तीनों बेटियों का ट्यूशन लगवाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चेतन ने अपने बयानों में तीन शादियों की बात छिपाई थी।
अब जांच के दौरान पुलिस को पता चला चला है कि चेतन ने वर्ष 2010 में सुजाता से पहली शादी की थी। इसके बाद वर्ष 2013 में उसकी बहन हिना से विवाह किया। वर्ष 2021 में सीलमपुर निवासी टीना से कोर्ट मैरिज की थी। चेतन का कहना है कि वह अपने चरित्र को लेकर सवालों से बचना चाहता था।
अशिक्षित हैं सुजाता और हिना
टीना को जब बेटियों के कोरियन कल्चर से जुड़ाव की जानकारी हुई तो उसने चेतन से बात की। इसके बाद चेतन ने बेटियों के मोबाइल फोन ले लिए। उनका ट्यूशन लगवाया। ट्यूशन टीचर ने जब शिकायत की कि तीनों बच्चियां वहां भी खुद को कोरियन बताती हैं तो घर में डांट-फटकार का सिलसिला बढ़ गया।
कोरियन ने बेटियों को मार डाला
चेतन को फ्लैट करना पड़ सकता है खाली
भारत सिटी सोसायटी में चेतन कुमार के रहने पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताना शुरू कर दिया है। इसके बाद एओए जयप्रकाश ठाकुर ने फ्लैट के मालिकों से बातचीत की है। अंदेशा जताया जा रहा है कि जल्द ही चेतन और उनके परिवार को दोनों फ्लैट खाली करने पड़ सकते हैं।
एओए अध्यक्ष ने बताया कि हादसे के बाद चेतन के बारे में जो बातें सामने आई हैं, उससे सभी हैरान हैं। लोगों का मानना है कि परिवार का सोसायटी में रहना ठीक नहीं है। अध्यक्ष ने बताया कि इसको लेकर चेतन के फ्लैट मालिकों से बातचीत की गई है। गम के माहौल को देखते हुए परिवार से इस बारे में फिलहाल कोई बात नहीं की है।
कब साफ होगा खून, देखकर डर रहे बच्चे
सोसायटी में जिस स्थान पर तीनों बच्चियां गिरी थीं, वहां पुलिस ने घेरा बना दिया है। अब भी वहां खून और उससे सने कपड़े के टुकड़े पड़े हैं। बच्चे पार्क में आकर खेल तो रहे हैं, लेकिन घटनास्थल को देखते ही डर जाते हैं।
शनिवार को पार्क में मौजूद महिलाओं ने बताया कि जांच के बाद भी इसे साफ नहीं कराया गया है। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि थाना प्रभारी को बता दिया गया है। जल्द सफाई कराकर स्टॉपर हटवा दिए जाएंगे।
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत में तीन मासूम बहनों ने दी जान
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत के चलते सोसायटी की नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर तीन नाबालिग बहनों ने जान दे दी। तीन नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर दिया है।
पिता चेतन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि तीनों बहनों को मोबाइल फोन की गंभीर लत थी और रोज घंटों कोरियाई गेम खेला करती थीं। तीनों ने अपने कोरियाई नाम मारिया, अलीजा और सिंडी भी रख लिए थे।
चेतन ने बताया, तीन दिन पहले उन्होंने बेटियां से फोन छीन लिए थे। इस बात से तीनों बेहद परेशान थीं और छिपकर माता-पिता का फोन इस्तेमाल करती थीं। पुलिस के मुताबिक, किशोरियां टास्क आधारित कोरियाई लव गेम के फेर में फंस गई थीं। वह पिछले दो साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं।

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